27 नवंबर 2020 की बात है। एक खबर आई- पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री और दीदी के ‘खास सिपहसालार’ सुवेंदु अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव महज 5 महीने दूर थे। सुवेंदु का जाना किसी बड़े किले के ढहने जैसा था। आनन-फानन में डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू हुई। रूठे हुए ‘नंदीग्राम के शेर’ को मनाने के लिए बिसात बिछाई गई। 1 दिसंबर की सर्द रात। कोलकाता के एक कमरे में 4 दिग्गज जुटे। बागी सुवेंदु अधिकारी, ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी, टीएमसी सांसद सौगत रॉय और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर। घंटों माथापच्ची हुई। अगली सुबह सौगत रॉय ने ऐलान किया- ‘सब ठीक है। सुवेंदु कहीं नहीं जा रहे, वो हमारे साथ हैं।’ लगा कि तूफान टल गया। कुछ ही दिन बीते थे कि सुवेंदु के एक वॉट्सऐप मैसेज ने फिर सियासी धमाका कर दिया। सौगत रॉय को भेजे मैसेज में उन्होंने लिखा- ‘मेरी टीस अभी भी बरकरार है। आपने बिना समाधान निकाले ही सब कुछ मुझ पर थोप दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझे अपनी बात कहनी थी, लेकिन आपने पहले ही घोषणा करके मेरा मौका छीन लिया। अब साथ चलना मुमकिन नहीं। मुझे माफ कर दें।’ इधर मेदिनीपुर में सुवेंदु के दफ्तर से ममता दीदी के पोस्टर नदारद हो रहे थे और दीवारों पर भगवा रंग चढ़ने लगा था। 17 दिसंबर को उन्होंने आधिकारिक तौर पर टीएमसी को ‘राम-राम’ कह दिया। अगले ही दिन दिल्ली से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा का फरमान आया, तो समझ में आ गया कि अब सुवेंदु की मंजिल का पता बदल चुका है। 19 दिसंबर 2020 का वो दिन, मेदिनीपुर का मैदान जनसैलाब से अटा पड़ा था। गृहमंत्री अमित शाह ने सुवेंदु के गले में बीजेपी का गमछा डाला। दोनों ने मिलकर झंडा लहराया। सुवेंदु ने झुककर शाह के पैर छुए और बंगाल फतह के लिए बीजेपी के सारथी बन गए। 3 सीटों वाली बीजेपी 2021 के चुनाव में 77 सीटों तक पहुंची और इस बार 2026 में 207 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। अब ऑब्जर्वर बनकर बंगाल पहुंचे अमित शाह ने सुवेंदु को ही मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया है। 7 ग्राफिक्स में जानिए सुवेंदु अधिकारी से जुड़े कुछ रोचक किस्से…
****** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल और महेंद्र वर्मा ————————— ये खबर भी पढ़ें…
जब ममता ने रातोंरात सोनिया की कांग्रेस को जीरो किया:34 साल की लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका; अब दीदी की विदाई तय 30 अप्रैल 2026। रात करीब 8 बजे। कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर भारी बारिश हो रही थी। तभी एक गाड़ी आकर रुकी। सफेद साड़ी, पैरों में रबर की चप्पल। अपने सिग्नेचर स्टाइल में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उतरीं, और सीधे स्ट्रॉन्ग रूम की तरफ बढ़ चलीं। पढ़ें पूरी खबर…
सुवेंदु ने शाह के पैर छुए और सब बदल गया:बंगाल में 3 सीटों वाली बीजेपी 207 पहुंची; ममता के बागी और भावी सीएम सुवेंदु की कहानी