ऑपरेशन सिंदूर के बाद आज 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहला आम बजट पेश किया। उन्होंने डिफेंस बजट के लिए 7.84 लाख करोड़ रुपए दिए हैं, जो पिछले साल से 15% ज्यादा हैं। आंकड़ों के हिसाब से रक्षा बजट में 1 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जो बीते 10 साल में सबसे ज्यादा है। पिछले साल मई में पाकिस्तान से हुए संघर्ष के बाद डिफेंस बजट में इस बढ़त की उम्मीद की जा रही थी, जिसे सरकार ने पूरा कर दिया है। इस स्टोरी में पढ़िए डिफेंस बजट की पूरी गणित… 7.84 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खर्च का हिसाब 2026-27 के लिए कुल रक्षा खर्च 7.84 लाख करोड़ रुपए रखा गया है। इसे चार हिस्सों में बांटा गया है… 1. कैपिटल एक्सपेंडिचर में 22% की बढ़त सबसे बड़ी उछाल कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च में है। 2026-27 में इसके लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो पिछले साल से 21.84% ज्यादा है। इसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर, एसेट्स, मशीनरी वगैरह पर होगा। पिछले साल यह 1.80 लाख करोड़ रुपए था, जिसे रिवाइज कर 1.86 लाख करोड़ रुपए किया गया है। 2. रेवेन्यू खर्च 17% बढ़ाया रेवेन्यू एक्सपेंडिचर यानी राजस्व खर्च के लिए इस साल 3.65 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 17.24% ज्यादा है। ये गोला-बारूद, ईधन, मरम्मत और स्टाफ की सैलरी जैसे खर्च में इस्तेमाल होगा। 3. रक्षा पेंशन भी 6.5% ज्यादा डिफेंस पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो पिछले साल से 6.53% ज्यादा है। ये रिटायर्ड सैनिकों और उनके परिवारों को पेंशन या आर्थिक मदद देने में खर्च किए जाएंगे। 4. सिविल डिफेंस में मामूली कटौती सिविल डिफेंस में इस बार हल्की कटौती हुई है। पिछले साल यह 28,555 करोड़ रुपए था, जो इस साल घटकर 28,426 करोड़ रुपए रह गया है। यानी करीब 0.45% की कमी। डिफेंस बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का असर बजट 2026-27 में ऑपरेशन सिंदूर का असर साफ नजर आ रहा है। सरकार ने रक्षा कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी हथियार और बड़े उपकरणों पर खर्च को 21.84 %बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।’ सरकार का मानना है कि बदलते सुरक्षा हालात में सेना को आधुनिक हथियार, बेहतर तकनीक और मजबूत सप्लाई सिस्टम की जरूरत है। यही वजह है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बदलती जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया। 114 राफेल की डील, नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च रक्षा बजट में सबसे ज्यादा ध्यान विमान और एयरो इंजन पर दिया गया है। इसके लिए 63,733 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिए हैं। इससे फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और उनके इंजन खरीदे जाएंगे या अपग्रेड किए जाएंगे। अगले साल कई बड़े रक्षा सौदे होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट की डील होने वाली है। जल्द ही फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन 18 राफेल जेट तैयार हालत में भारत को देगी। वहीं, इस पूरे प्रोजेक्ट में कम से कम 60% काम भारत में ही होगा। यानी ज्यादातर पुर्जे और पार्ट्स बनाने का काम भारत में किया जाएगा। रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 17 हजार करोड़ रुपए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाया गया है। इसके लिए 17,250 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस रकम से नई तकनीक, स्वदेशी हथियार और आधुनिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ हथियार खरीदे नहीं, बल्कि बनाए भी। कस्टम ड्यूटी हटाने से डिफेंस इंडस्ट्री को फायदा वित्त मंत्री ने बजट में विमान और रक्षा उपकरण बनाने में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इससे फैसले से देश की डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा। उत्पादन सस्ता होगा और निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। डिफेंस बजट में भारत, चीन से पीछे लेकिन पाकिस्तान से आगे पिछले साल का चीन का रक्षा बजट करीब 247 बिलियन डॉलर यानी 22.6 लाख करोड़ रुपए रहा। अनुमान है कि इस साल 2026 में ये 300 बिलियन डॉलर यानी 27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। ये भारत के वहीं पाकिस्तान ने भी रक्षा बजट में तेज बढ़ोतरी की है। पिछले साल उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद 81 हजार करोड़ का डिफेंस बजट पेश किया, जो 2024 से 20% ज्यादा था। हालांकि, 2025 में रक्षा बजट में बढ़ोतरी के लिए पाकिस्तान को अपने कुल बजट में 7% की कटौती करनी पड़ी थी। वहीं, भारत ने कुल बजट को भी पिछले साल से लगभग 8% बढ़ाते हुए रक्षा बजट को 15% बढ़ाया है। —————————————– बजट से जुड़ी भास्कर की ये खबरें भी पढ़ें… 1- बजट 2026, सस्ता-महंगा- कैंसर की 17 दवाएं सस्ती:EV, सोलर पैनल के दाम घटेंगे; शराब महंगी हो सकती है, ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ा बजट में अब बस इम्पोर्ट ड्यूटी के घटने-बढ़ने से सामानों के दाम थोड़े बहुत ऊपर-नीचे होते हैं। ज्यादातर चीजों के दाम GST काउंसिल तय करती है। पूरी खबर पढ़ें 2- बजट 2026- इनकम टैक्स जस का तस:बस रिवाइज्ड रिटर्न अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक भरें, विदेश पैसे भेजने पर अब 2% टैक्स बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा। पूरी खबर पढ़ें
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