कालीचरण, कर्ज, हीरो, कर्मा और राम लखन जैसी कई सुपरहिट फिल्में देने वाले डायरेक्टर सुभाष घई आज अपना 83वां जन्मदिन मना रहे हैं। सुभाष घई के जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि 83 साल की उम्र में अब वे अपनी सेहत, आध्यात्मिकता, आचरण, परिवार, समाज और देशहित के लिए जितना संभव हो सके, उतना काम करेंगे। सवाल: बचपन में आपका जन्मदिन कैसे मनाया जाता था और उससे जुड़ी कोई खास यादें हैं?
जवाब: बचपन में चार दोस्त आ गए, बत्ती जल गई और केक कट गया, इसी में खुश हो जाता था। एक जमाने में फैमिली साथ जन्मदिन मनाता था, लेकिन संघर्ष में बर्थडे क्या मनाना! फिर उसके बाद डायरेक्टर-प्रोड्यूसर बना, तब बर्थडे को मार्केटिंग से जोड़ दिया गया। बर्थडे में जो खुश होते हैं, वे आपके मां-बाप और परिवार वाले ही होते हैं। मित्र और काम से जुड़े सहयोगी लोग आपकी खुशियों को बांटते हैं। अब बर्थडे पर सोचता हूं कि मानसिकता में, व्यावसायिकता में, चरित्र में और कंट्रीब्यूशन ऑफ सोसाइटी में पहले से तरक्की की या नहीं! यह सवाल अपने हर बर्थडे पर खुद से पूछता हूं। बाकी तो सब लाइफ के सीन और चैप्टर हैं। सवाल: 24 जनवरी की तारीख आपके जीवन में क्या खास है?
जवाब: देखिए, 24 जनवरी को मेरा जन्मदिन है और यह इसलिए खास है क्योंकि मेरा नाम सुभाष मेरे नानाजी ने रखा था। मैं नागपुर में पैदा हुआ था। वहां मेरे नानाजी वकील थे और वे सुभाष चंद्र बोस के बहुत बड़े फैन थे। नानाजी 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन मनाने गए थे। जब 24 जनवरी को मेरा जन्म हुआ, तो उन्होंने उसी प्रेरणा से मेरा नाम सुभाष रख दिया। मैं पांच साल का था, तब अपनी मां से पूछा कि सुभाष का मतलब क्या होता है? मां ने सुभाष का मतलब बताया कि अच्छी भाषा बोलने वाला। उसके बाद मैं अपनी भाषा के बारे में बहुत सतर्क हो गया। अगर नाम सुभाष है, तब कटु भाषा नहीं निकलनी चाहिए। जीवन में यही मार्मिक चीजें हैं, जो हर जन्मदिन पर याद आती हैं। मेरे जीवन में दो ही दिन रेड लेटर डेज हैं- एक 24 जनवरी को बर्थडे और दूसरा 24 अक्टूबर मैरिज डे है। 24 अक्टूबर, 1970 में पत्नी मुक्ता से शादी की थी। यह मेरे जीवन के बारे में पूरा विजन बताता है कि कहां तक पहुंचा हूं और कहां तक जाऊंगा। व्हिसलिंग वुड की स्थापना हो या मुक्ता आर्ट्स से फिल्मों का मुहूर्त, 24 तारीख को करता हूं। ये दो दिन कमिटमेंट के दिन हैं, जहां एक माइलस्टोन को आगे ले जाना है। जब आप डेडलाइन बना लेते हैं, तब खुद काम करना शुरू करते हैं। यह स्वयं से एक बहुत बड़ी कमिटमेंट है। सवाल: शूटिंग के दौरान जन्मदिन मनाने का आपका कोई किस्सा?
जवाब: शूटिंग के दौरान कभी बर्थडे आ जाता था, तब कास्ट-क्रू मेंबर के साथ सेट पर ही मनाता था। जैसे- फिल्म रामलखन की शूटिंग के दौरान बर्थडे आया था, तब अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित, राखी जी आदि ने सेट पर ही मेरा जन्मदिन मनाया था। मैं कभी शूटिंग छोड़कर बर्थडे मनाने का प्लान नहीं बनाता। यह तो सेल्फ ऑफ कमिटमेंट मूड वाला डे होता है। बाकी जन्मदिन पर अपने भारतीय भाइयों से यह कहना चाहता हूं कि जो केक काटते हैं और इंग्लिश में गाना गाते हैं, यह ट्रेडिशनल 200 साल से चल रहा है। आप अपने रीति-रिवाज से जन्मदिन मनाइए। मैं देखता हूं कि कई बार हमारे जो आध्यात्मिक लोग हैं, वे भी हैप्पी बर्थडे टू यू गा करके जन्मदिन मनाते हैं। मैं इस बात पर मुस्कुराता हूं कि अभी भारतीयता की असली पहचान हम लोगों को नहीं हुई है। ऐसा मुझे जन्मदिन पर कभी-कभी ख्याल आता है। खासकर, मेरे जन्मदिन पर जब बच्चे लोग कैंडल और केक लेकर आते हैं। उन्हें बोलता हूं कि जन्मदिन पर लड्डू और दीया लेकर आओ। लड्डू बांटेंगे। क्या होता है कि हमने अपने क्षेत्र को बॉलीवुड कहना शुरू किया, जबकि यह भारतीय सिनेमा है। अब इसे बॉलीवुड, टॉलीवुड कहकर हम नकलची की तरह आ गए हैं, इसे गलत मानता हूं। यह सोचना हर एक का कर्तव्य है। सवाल: इस जन्मदिन को लेकर कोई आपका प्लान है?
जवाब: अभी जन्मदिन सिर्फ एक जन्मदिन है। अभी तो 83 में हूं। अभी तो आध्यात्मिक दिशा में ज्यादा जा रहा हूं। बच्चों को शिक्षा में जितना सहायता कर सकूं, व्हिसलिंग वुड में अपना जितना एक्सपीरियंस बता सकूं, सरकार, स्कूल-कॉलेज के प्रति अपना जितना योगदान दे सकूं, उतना देते हुए अपने आपको बिजी रखता हूं। बाकी किताबें पढ़ता हूं, कविताएं और नाटक लिखता हूं। प्रोडक्शन हाउस को जो क्रिएटिव सहायता चाहिए होती है, वह देता हूं। सवाल: क्या आपको 26 जनवरी के लिए राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण-पत्र मिला है?
जवाब: हां, मुझे 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण-पत्र मिला है। महामहिम राष्ट्रपति जी ने 26 जनवरी की शाम को डिनर रखा है, उसमें कुछ लोगों को बुलाया है। मैं जाऊंगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने इस काबिल समझा है कि मेरी 50 साल की फिल्म मेकिंग और 25 साल शिक्षा में जो देने की लाइफ रही है। इसे प्रमाण-पत्र समझिए और क्या है! वहां जाकर बड़े-बड़े लोगों से मिलूंगा।
83 साल के हुए डायरेक्टर सुभाष घई:जन्मदिन के मौके पर बताया क्यों नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था?