विक्रम भट्‌ट उदयपुर जेल से आए बाहर,सबसे पहले मंदिर गए:बोले- मैं मेवाड़ का टीका लगाकर जा रहा हूं, सत्य पराजित नहीं होगा; जेल में एक दोस्त बना

बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्‌ट 2 महीने 11 दिन बाद उदयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए है। जेल से निकलते ही उन्होंने सबसे पहले कैंपस में स्थित भगवान शिव के दर्शन किए। इसके बाद मीडिया से बात करते बोले कि- करीब ढाई महीने उदयपुर की जेल में काटे। मुझे उम्मीद नहीं यकीन था कि सच्चाई जरूर सामने आएगी। जेल में मेरे एक दोस्त बने। उन्होंने मुझे मेवाड़ की मिट्टी की तासिर के बारे में बताया। ये मेवाड़ है और यहां सत्य परेशान हो सकता, पराजित नहीं हो सकता है। मैं वहीं मेवाड़ का टीका लगाकर जा रहा हूं कि सत्य पराजित नहीं होगा। बता दें कि फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में विक्रम भट्‌ट को 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। मामले में 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्‌ट को नियमित जमानत मिली। श्वेतांबरी 13 फरवरी को अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आ गई थी। उदयपुर सेंट्रल जेल से रिहा विक्रम भट्‌ट की PHOTOS

मैं श्रीकृष्ण की तरह नया संघर्ष करने निकला विक्रम भट्‌ट ने कहा- मैं कृष्ण का भक्त हूं। मैं वहीं रहा जहां श्रीकृष्ण पैदा हुए थे। मैं उससे बेहतर और दो गुणा इंसान बाहर निकल रहा हूं। एक नया संघर्ष करने के लिए श्री कृष्ण की तरह, श्रीकृष्ण मेरे अंदर है। इस देश के कानून पर मुझे पूरा भरोसा है। उदयपुर पुलिस मुंबई से पकड़कर लेकर आई थी उदयपुर डीएसपी छगन राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने 7 ​दिसंबर को मुंबई पहुंचकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। यहां भट्ट के सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को रोका भी था। सुरक्षा गार्डों ने पुलिस से कहा था कि साहब और उनकी पत्नी घर पर नहीं हैं। हालांकि पुलिस को हकीकत पता थी और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए थे। फिल्म के नाम पर 30 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉक्टर अजय मुर्डिया को कहा- 7 करोड़ रुपए और फाइनेंस करके वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था। ये खबर भी पढ़िए… उदयपुर जेल में बंद बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्‌ट को जमानत:सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- समझौते से सुलझाएं मामला; 30 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दोनों को नियमित जमानत (रेगुलर बेल) दे दी। (पूरी खबर पढ़े…)

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