ममता कुलकर्णी ने पूछा- ‘क्या अखिलेश सरकार में रुकेगी गोहत्या?:अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोलीं- 10 में 9 महामंडलेश्वर और शंकराचार्य झूठे

पूर्व एक्ट्रेस और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी (यामाई ममता नंद गिरि) शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में कूद पड़ी हैं। उन्होंने दो सवाल पूछे। पहला- उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया। दूसरा- करोड़ों की भीड़ में रथ (पालकी) लेकर निकलने की क्या जरूरत थी? ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद की वजह से ही उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। अगर स्नान करना ही था तो पालकी से उतरकर पैदल जाकर स्नान किया जा सकता था। गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी से भरा आचरण होता है न कि ऐसी जिद, जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े। सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए ममता कुलकर्णी ने पूछा- क्या वे गोहत्या रोकने का वचन दे सकते हैं। जिस गोहत्या को रोकने की बात की जा रही है, क्या उस पर अखिलेश यादव कोई ठोस आश्वासन देंगे? ममता ने ऋग्वेद में ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का हवाला दिया और कहा कि धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए। पीएम मोदी और प्रियंका की तारीफ की दरअसल, IANS न्यूज एजेंसी से बातचीत में ममता कुलकर्णी ने पीएम मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा- पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा फिलहाल कोई विकल्प नजर नहीं आता और मोदी ही आगे भी रहेंगे। हालात देखिए, पीएम मोदी हैं तो फिर कहीं कुछ गलत नहीं हो रहा है। अगर किसी को गलत लग रहा है तो बताइए। हम सब कुछ शांतिपूर्वक कर रहे हैं। किसी को कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा- ये लोग यानी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद जी, समाजवादी पार्टी की ओर झुक रहे हैं क्योंकि उनका एक ही मुद्दा है। गायों की हत्या नहीं होनी चाहिए। तो क्या अखिलेश यादव के साथ जाने से ये सवाल हल हो जाएंगे। अविमुक्तेश्वरानंद में काफी अहंकार ममता कुलकर्णी ने कहा- राजा हो या रंक, सभी को कानून का पालन करना होता है और किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। केवल चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता है। उनमें (अविमुक्तेश्वरानंद) काफी अहंकार है और आत्मज्ञान शून्य है। तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वरों पर भी बड़ा हमला बोला। कहा- दस में से नौ महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें शून्य ज्ञान है। उन्होंने दावा किया कि उनके गुरुवर नाथ संप्रदाय से थे और एक तपस्वी संत थे। महाकाली की शक्ति से ममता बनर्जी की जीत हुई ममता ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से ज्यादा काबिल बताया। ममता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कहा- पिछले साल बीजेपी ने बंगाल में पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन महाकाली की शक्ति से ममता बनर्जी की जीत हुई। ममता कुलकर्णी ने यह भी साफ किया कि वह इस जन्म में बॉलीवुड में वापस नहीं जाएंगी और उन्हें महामंडलेश्वर पद से भी मुक्त होना है। अंत में उन्होंने ममता बनर्जी को सलाह दी कि वे किसी भी मुद्दे पर एक्सट्रीम रुख न अपनाएं। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अखिलेश ने शंकराचार्य से की थी बात सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से बात की थी। उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट पर दुख जताया था। अखिलेश ने कहा था- भाजपा अधर्म के रास्ते पर है। शंकराचार्य और साधु-संतों को गंगा स्नान से रोका जाना सबसे बड़ा अधर्म है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पूरा सम्मान होना चाहिए। उनके पक्ष में पूरे देश के साधु-संत और सनातन धर्म के लोग खड़े हैं। आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों पर दबाव डाल कर शंकराचार्य को नोटिस भिजवा रही है। अखिलेश ने कहा कि सरकार अगर किसी साधु-संत और शंकराचार्य का अपमान करेगी तो समाजवादी पार्टी उसके विरोध में खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शंकराचार्य से प्रमाणपत्र मांग रही है, अगर कोई मुख्यमंत्री से योगी होने का प्रमाण-पत्र मांग ले तो क्या वे देंगे। उनके पास योगी होने का क्या प्रमाण है। महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में रही थीं ममता 23 जनवरी, 2025 को ममता अचानक प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं। दोपहर में वे किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मिलीं। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। फिर दोनों अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी से मिलीं और ममता को महामंडलेश्वर बना दिया गया। उनका नाम यामाई ममता नंद गिरि रखा गया। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई संतों ने इसका विरोध किया था। रामदेव ने कहा था- कोई एक दिन में संतत्व को प्राप्त नहीं कर सकता। इसके बाद 10 फरवरी को ममता ने किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर पद छोड़ दिया। हालांकि 2 दिन बाद यानी 12 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। विवादों में रहीं ममता, मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया
शाहरुख खान, सलमान खान, अजय देवगन, अनिल कपूर जैसे बड़े स्टार्स से साथ स्क्रीन शेयर करने वाली ममता उस वक्त विवादों में आईं जब उन्होंने साल 1993 में स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया था। वहीं, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने ममता को फिल्म ‘चाइना गेट’ में बतौर लीड एक्ट्रेस लिया था। शुरुआती अनबन के बाद संतोषी, ममता को फिल्म से बाहर निकालना चाहते थे। खबरों के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें फिल्म में रखा गया। हालांकि, फिल्म फ्लॉप साबित हुई और बाद में ममता ने संतोषी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप भी लगाया। ड्रग माफिया से रचाई शादी, साध्वी बनीं
ममता पर आरोप लगा कि उन्होंने दुबई के रहने वाले अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी की थी। हालांकि ममता ने अपनी शादी की खबरों को हमेशा ही अफवाह बताया। ममता का कहना था कि मैंने कभी किसी से शादी नहीं की। यह सही है कि मैं विक्‍की से प्‍यार करती हूं, लेकिन उसे भी पता होगा कि अब मेरा पहला प्‍यार ईश्‍वर हैं। ममता ने 2013 में अपनी किताब ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी’ रिलीज की थी। इस दौरान फिल्‍मी दुनिया को अलविदा कहने की वजह बताते हुए कहा था, ‘कुछ लोग दुनिया के कामों के लिए पैदा होते हैं, जबकि कुछ ईश्‍वर के लिए पैदा होते हैं। मैं भी ईश्‍वर के लिए पैदा हुई हूं।’ तमिल फिल्म से शुरू किया करियर
ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल, 1972 को मुंबई में हुआ था। ममता ने 1991 में अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्म ‘ननबरगल’ से की। साल 1991 में ही उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘मेरा दिल तेरे लिए’ रिलीज हुई। वेबसाइट आईएमडीबी के मुताबिक, एक्ट्रेस ने अपने करियर में कुल 34 फिल्में कीं। ममता को साल 1993 में फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था। इसके बाद वह ‘वक्त हमारा है’, ‘क्रांतिवीर’, ‘करण अर्जुन’, ‘बाजी’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। उनकी लास्ट फिल्म ‘कभी तुम कभी हम’ साल 2002 में रिलीज हुई थी। —————— यह खबर भी पढ़िए:- अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा:कुछ लोगों ने शिविर में घुसने की कोशिश की थी, ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाए
प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। शिविर में युवकों के हंगामे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा- हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा। पढ़ें पूरी खबर…

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