खेल की दुनिया का एक सीधा सच है कि जो खिलाड़ी जितना मशहूर है, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा है। मौजूदा दौर में सुपरस्टार एथलीट्स सिर्फ अपनी टीमों के लिए खेलने वाले मोहरे नहीं रह गए हैं। वे खुद ग्लोबल ब्रांड हैं। यही वजह है कि लियोनेल मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज करियर के ढलान पर होने के बावजूद दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीट हैं। इन खिलाड़ियों को पैसे देने का बिजनेस मॉडल काफी अलग है। कहीं ‘डिफर्ड मनी’ (भविष्य में भुगतान) से टैक्स बचाया जा रहा है, तो कहीं ‘लेवरेज’ (दबाव) का इस्तेमाल कर खिलाडी मनचाही कीमत वसूल रहे हैं।
फुटबॉल – मेसी को अमेरिकन क्लब इंटर मियामी में सैलरी के साथ हिस्सेदारी भी मिली 38 साल के लियोनेल मेसी जब यूरोप छोड़कर अमेरिकी लीग की टीम इंटर मियामी से जुड़े, तो उन्हें सिर्फ 800 करोड़ रुपए की सालाना सैलरी ही नहीं मिली, बल्कि क्लब में ‘इक्विटी’ (हिस्सेदारी) और लीग के ब्रॉडकास्ट पार्टनर के रेवेन्यू में से एक तय हिस्सा भी दिया गया। वहीं, रोनाल्डो सऊदी क्लब अल-नासर क्लब में सालाना 2000 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। यह पैसा सऊदी के ‘पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड’ से आता है। रोनाल्डो की स्टार पावर का इस्तेमाल कर सऊदी अरब अपनी छवि सुधारना चाहता है। बेसबॉल – शोहेई ओटानी के साथ ‘डिफर्ड मनी’ मॉडल, क्लब की टैक्स बचाने की डील मेजर लीग बेसबॉल में कोई सैलरी कैप नहीं है, लेकिन एक तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर ‘लग्जरी टैक्स’ देना पड़ता है। जापानी सुपरस्टार शोहेई ओटानी ने लॉस एंजिलिस डोजर्स के साथ 10 साल के लिए करीब 6450 करोड़ रुपए का करार किया। ओटानी हर साल करीब 18.5 करोड़ रुपए की सैलरी लेंगे। बाकी के करीब 6300 करोड़ उन्हें उनके रिटायरमेंट के बाद (2034 से 2043 तक) किश्तों में दिए जाएंगे। इस ‘डिफर्ड मनी’ मॉडल ने टीम को लग्जरी टैक्स से बचा लिया। एनएफएल व बास्केटबॉल – कमाई में हिस्सा और टीम पर दबाव बनाकर राशि बढ़वाना एनएफएल में डलास काउबॉयज के डैक प्रेस्कॉट (4 साल के लिए 2230 करोड़) सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। प्रेस्कॉट लीग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने सही समय पर टीम पर दबाव बनाया। टीम के पास दूसरा विकल्प नहीं था, इसलिए उन्हें ऐतिहासिक डील देनी पड़ी। वहीं, एनबीए में रेवेन्यू खिलाड़ियों और मालिकों के बीच 50-50 बंटता है। 10 साल से ज्यादा अनुभव वाले सुपरस्टार्स सैलरी कैप का 35% तक ले सकते हैं। इसलिए स्टीफन करी जैसे खिलाड़ी इस सीजन में करीब 550 करोड़ रुपए कमा रहे है।
बॉक्सिंग – खिलाड़ी की मार्केट वैल्यू और पे-पर-व्यू सबसे अहम बॉक्सिंग में मार्केट वैल्यू और पे-पर-व्यू की ताकत है। मैक्सिकन बॉक्सर अल्वारेज को हाल ही में टेरेंस क्रॉफर्ड के खिलाफ हार मिली। इसके बावजूद, कैनेलो को इस फाइट के लिए करीब 910 करोड़ रुपए मिले। वहीं, विजेता क्रॉफर्ड को करीब 92 करोड़ राशि मिली। गोल्फ – सऊदी का नया टूर्नामेंट बना तगड़ी कमाई का आधार वर्ल्ड नंबर-1 स्कॉटी शेफलर ने 2024 व 2025 में हर साल करीब 280 करोड़ कमाए। दूसरी तरफ, जॉन रैम ने 2025 में एक भी टूर्नामेंट नहीं जीता लेकिन सऊदी फंडेड ‘LIV Golf’ में खेलने के कारण शुरुआती साइनिंग बोनस करीब 3 हजार करोड़ रुपए मिला।
फुटबॉल में इक्विटी, बास्केटबॉल में रेवेन्यू शेयरिंग से कमाई:महंगे खिलाड़ियों का बिजनेस मॉडल, कई खेलों में संन्यास के बाद भी सैलरी