एशिया कप वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट:भारतीय तीरंदाजों ने जीते 2 ब्रोंज मेडल;मेंस रिकर्व और विमेंस कंपाउंड टीम फाइनल में पहुंची; कजाकिस्तान से होगा मुकाबला

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में चल रहे एशिया कप वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट (स्टेज-1) के दूसरे दिन भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने बुधवार को दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने मेंस रिकर्व और विमेंस कंपाउंड टीम इवेंट के फाइनल में जगह बना ली है। विमेंस कंपाउंड टीम: थाईलैंड को हराकर फाइनल में पहुंची
महिला कंपाउंड टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 229-226 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। चिकिता तनिपार्थी, राज कौर और तेजल साल्वे की टीम अब खिताबी मुकाबले में तीसरे नंबर की सीड कजाकिस्तान से भिड़ेगी। पिछले साल टीम ने ब्रॉन्ज जीता था। मेंस कंपाउंड टीम सेमीफाइनल में हारी
पुरुष कंपाउंड टीम को सेमीफाइनल में वियतनाम से 233-234 से हार का सामना करना पड़ा। टीम के पास बढ़त थी, लेकिन आखिरी पलों में मुकाबला हाथ से निकल गया। हालांकि टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में भूटान को 234-232 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। रजत चौहान, ऋषभ यादव और उदय कंबोज की अनुभवी टीम अपना खिताब डिफेंड करने में नाकाम रही।
सेमीफाइनल में वियतनाम के खिलाफ एक समय भारतीय टीम 5 पॉइंट की बढ़त पर थी, लेकिन दूसरे और तीसरे एंड में वियतनाम ने परफेक्ट 60 का स्कोर कर वापसी की और भारत को 234-233 से हरा दिया।
हालांकि, बाद में ब्रॉन्ज मेडल मैच में भारत ने भूटान को 234-232 से हराकर पदक पक्का किया। मेंस रिकर्व टीम: मलेशिया को 5-1 से दी शिकस्त
पुरुष रिकर्व टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुयेल सरकार की टीम ने बिना कोई सेट गंवाए जीत दर्ज की और अब फाइनल में कजाकिस्तान से मुकाबला होगा। पहले सेट को भारत ने 53-50 और दूसरे को 53-52 से जीता। तीसरे सेट में मुकाबला 56-56 की बराबरी पर रहा, जो भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए काफी था।
वहीं, महिला रिकर्व टीम ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। रूमा बिस्वास, कीर्ति और रिधि फोर की टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। —————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… डकेट ने IPL से नाम वापस लिया:2 साल के बैन का खतरा; CSK ने एलिस की जगह जॉनसन को किया शामिल इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन डकेट ने IPL 2026 से नाम वापस ले लिया है। खराब फॉर्म के बीच अपने टेस्ट करियर पर ध्यान देने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि, आखिरी समय पर हटने के कारण उन्हें IPL से दो साल के बैन का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पिछले साल फ्रेंचाइजियों ने ऐसे विदेशी खिलाड़ियों पर सख्ती करने का फैसला किया था। पूरी खबर

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