भारतीय शटलर आयुष शेट्टी ने एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। 60 सालों के बाद किसी भारतीय ने चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स कैटेगरी के फाइनल में जगह बनाई है। आयुष से पहले दिनेश खन्ना ने 1965 में मेंस सिंगल्स में गोल्ड जीता था। सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 2023 में डबल्स खिताब जीता था। 20 साल के आयुष ने शनिवार को चीन के झेजियांग में खेले गए सेमीफाइनल में टॉप सीड और डिफेंडिंग चैंपियन थाई प्लेयर कुन्लावत वितिदसर्न को तीन गेम में हराया। दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी आयुष ने पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और 2023 के वर्ल्ड चैंपियन वितिदसर्न पर 10-21, 21-19, 21-17 से जीत दर्ज की। 1965 में दिनेश खन्ना लखनऊ में चैंपियन बने थे इस चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड सिर्फ दिनेश खन्ना ने जीता था। उन्होंने 1965 में लखनऊ में थाईलैंड के सांगोब रत्तनुसोर्न को मेंस सिंगल्स फाइनल में हराया था। आयुष ने पिछली हार का बदला लिया दोनों खिलाड़ी इससे पहले पिछले साल आर्कटिक ओपन में भिड़े थे, जहां वितिदसर्न ने सीधे गेम में जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार आयुष ने शानदार वापसी करते हुए हिसाब बराबर कर लिया। पहला गेम हारने के बाद जिस तरह उन्होंने वापसी की, उसने उनकी मानसिक मजबूती को भी साबित किया। क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टी को हराया वर्ल्ड नंबर-25 आयुष ने क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया था। इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे खिलाड़ियों को भी मात दी। अब आयुष खिताबी मुकाबले में चाऊ तियेन चेन और शी यूकी के बीन होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेंगे। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… चेस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट- वैशाली ड्रॉ के साथ टॉप पर पहुंचीं भारतीय ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने FIDE चेस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के विमेंस कैटेगरी के 10वें राउंड में यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक के खिलाफ ड्रॉ खेला। इस ड्रॉ से मिले आधे पॉइंट्स के साथ वैशाली टॉप पर पहुंच गईं। दूसरी ओर, भारतीय ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को रूस की अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। पढ़ें पूरी खबर
आयुष शेट्टी एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में:डिफेंडिंग चैंपियन को हराया, 60 साल बाद कोई भारतीय मेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचा